कैलाश मानसरोवर, शून्य से शून्य की यात्रा – एक संस्मरण
कैलाश मानसरोवर यात्रा – 2018, एक संस्मरण वर्ष 2010 में अखबार में कैलाश मानसरोवर की यात्रा हेतु विदेश मंत्रालय का विज्ञापन अखबार में देखा तो मन ने जागती आँखों से कैलाश मानसरोवर की यात्रा का सपना देखा और जब विज्ञापन अंत तक पढ़ा तो मालूम पड़ा की पवित्र सरोवर तो चीन के स्वायत क्षेत्र तिब्बत मे है और इसके लिए पासपोर्ट आवश्यक होगा तो सपने को पूरा करने के पहले कदम के तौर पूरे परिवार का पासपोर्ट बनवा लिया, और अगर पासपोर्ट बना होता तो उसी वर्ष चल देते कैलाश को लेकिन कहते है न ऐसी यात्राओं का बुलावा आता है तो ही आप जा सकते हो, सो बुलावा नहीं था तो पासपोर्ट बनते बनते आवेदन तिथि निकल गयी, वर्ष के अंत आते न आते एक फार्म हाउस का प्लॉट अच्छा लगा तो लग गए एक झूले और बगीचे वाले घर का सपना पूरा करने में और ये सपना पूरा करते करते 2014 आ गया, और फिर आ गया आ गया एक और सपना छोटे बेटे को डॉक्टर बनने का सपना और ये सपना पूरा करते करते आ गया 2017 और अगस्त 2017 में बच्चा भावेश पहुँच गया देश के प्रतिष्ठित संस्थान एम्स में। लगता है शिव कैलाशों का वासी भी चाहते थे की सब ज़िम्मेदारी पूरी करो फिर मेरे दर पे आओ, 20...